Ajit Doval Biography In Hindi National Security Advisor India James Bond


Ajit Doval Biography 

जेम्स बांड का नाम तो आपने सुना ही होगा दरसल यह काल्पनिक सीक्रेट सर्विस एजेंट है जिसको 1953 में लेखक यिआं फ्रामिंग ने बनवाया था और यह सीक्रेट सर्विस एजेंट कहानी और फिल्मो के अंदर खासकर फिल्मो के अंदर अपने कारनामो के लिए पहचाने जाते है हालाकि जेम्स बांड एक लेखक की कल्पना से ज्यादा कुछ भी नहीं है लेकिन भारत के अंदर एक ऐसे इंसान जरुर मोजूद है जिन्हें जेम्स बांड की तरह ही काम के लिए माना जाता है वह है नेशनल सिक्यूरिटी एडवाइजर अजित दोवल की जो की  नेशनल सिक्यूरिटी एडवाइज पर काम कर रहे है 

Ajit Doval Biography In Hindi National Security Advisor India James Bond
Ajit Doval Biography

लेकिन पिछले कुछ दर्सको में कुफिया एजेंट के तोर पर उन्होंने देश की हित में जो काम किया है वह काबिलियत तारीफ़ है या तक की कही सालो तक अजित दोवल पाकिस्तान से कुफिया जानकारी को इक्कठा करके भारतीय सुरक्षा एजेंसी को भी बेजते रहे और जम्मू कश्मीर में 370 हटाना हो अमृतसर में ऑपरेशन ब्लैक थंडर या फिर प्लेन हाई जैक से डील करना हो हर काम में ही अजित दोवल को आगे रखा जाता है 


इस कहानी की शुरवात होती है 20 जनुअरी 1945 से जब उत्तराखंड के पुरी गढ़वाल के छोटे से गाँव में हुआ था उनके पिता का नाम गुदानंद दोवल था जो की कूद भी एक आर्मी ऑफिसर थे सायद यही वजह थी कि अजित दोवल के अंदर देश भक्ति कूट कूट कर भरी थी साथ ही अजित डोवल के जन्म के 2 साल बाद भारत देश आजाद हुआ था अब भारत के आजाद होने के बाद सब भारत को एक ताकत वर देश बनाने के लिए 


हर कोई अपना योगदान देना चाहता था और सब इन्ही माहोल में पीला पड़े अजित ने अपनी शुरवाती पढाई अज़मेर मिलटरी स्कूल से की और फिर स्कूल की पढाई पूरी करने के बाद से उन्होंने 1967 में यूनिवर्सिटी ऑफ़ आगरा से इकोनॉमिक्स की डिग्री हासिल की हालाकि यहाँ पर अजित चाहते तो कोई भी आम नौकरी कर सकते थे लेकिन उन्होंने देश के हित में काम करने के लिए एक आईपीएस ऑफिसर बने का सोचा और फिर एक साल की तयारी के बाद से वह 1968 के केरला आईपीएस बैच के लिए सेलेक्ट भी कर लिए गए और फिर अगले 4 सालो तक उन्होंने देश के हित में बहुत सारे काम किये 


लेकिन 1972 में अजित दोवल इंटेलिजेंस ब्यूरो से जुड़ गए और यहाँ पर काम करते हुए उन्होंने बहुत सी कुफिया जानकारी भारत को दी और अजित दोवल ने भारतीये कुफिया एजेंट के तोर पर पाकिस्तान में 7 सालो तक काम भी किया और अपने कार्य काल के दुआरण उन्होंने भारतीय सिक्यूरिटी एजेंसी की काफी मदद भी की और इसके अलावा 1971-1999 तक भारत के हर प्लेन हाई जेकिंग में अजित दोवल ने ही हाई जेकरों से डील करी और 1999 में भी कंदार हाई जैक प्लेन में भी अजित दोवल प्लेन में बैठे हाई जेकरों से भी मिलने गए उसके अलवा 1988 में जब कुछ आतंकियों ने अमृतसर के स्वण मंदिर में कब्ज़ा कर लिया था  


तब यहाँ पर आम लोगो को बचाने के लिए ऑपरेशन ब्लैक थंडर चलाया गया और इस ऑपरेशन का नेतित्व्य भी अजित दोवल ही कर रहे थे इसके अलावा दोवल ने उत्तर भारत सेना में हुए हमले के बाद से सर्जिकल स्ट्राइक की योजना बनायीं और  भारतीय सेना ने सीमा पार म्यांमार करवाई कर उगार्वादियो को मार गिराया था और 1996 में अजित दोवल की सटीक निर्णय की वजह से कश्मीर के अंदर चुनाव की नीव राखी गयी और अजित दोवल आइबीबी में रहते हुए मुलती एजेंसी सेंटर और जॉइंट टास्क फाॅर्स ओं इंटेलिजेंस फाउंडर और चेयरमैन भी रह चुके है साथ ही 31 जुलाई 2004-31 जनवरी 2005 तक अजित दोवल इब के डायरेक्टर पद पर भी काम कर चुके है  


हलाकि यहाँ पर काम पुरे करने के बाद से उन्होंने रिटायरमेंट लेने का फैसला ले लिया लेकिन एक सच्चे देश की देश भक्ति ख़तम कहा होने वाली थी रिटायरमेंट के बाद भी सुरक्षा से जुड़े हुए मुद्दे में अजित दोवल ही हमेशा आगे रहा करते थे हालाकि आगे चल कर अजित दोवल के एक्स्पेरिंस को देखते हुए 2014 राष्ट्रीय सुरक्षा के तोर पर शामिल किया गया और इसके बाद अजित दोवल फिर से एक्शन में आ गए और 


सबसे पहले ईरान में फसी 46 भारतीय नर्सो को बहार निकालने का उन्होंने काम किया 2016 में पाकिस्तान में हुए सर्जिकल स्ट्राइक को प्लान करने का श्रेय भी अजित दोवल को जाता है 2019 में विंग कमांडर अभिनन्दन गलती से पकिस्तान पहुच गए थे तब अजित दोवल ही थे जिन्होंने नियम कानून याद दिलाते हुए साफ़ यह कह दिया था अगर अभिनन्दन को कुछ भी होता है तो भारत हर इस्तिथि से निपटने के लिए तैयार है   

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