इमरजेंसी के समय अंडरग्राउंड होकर ये काम कर रहे थे मोदी

25 जून 1975 में आपातकाल लागू होने के बाद देश में करीब 2 साल तक नेताओं को बंदी बनाया गया प्रेस की आज़ादी पर रोक लगाई गई और जबरन नसबंदी को लागू कराया गया इसी दौर में संघर्ष और आंदोलन कर उभरे कई नेता आज देश में बड़े पदों पर है. 

इमरजेंसी के समय अंडरग्राउंड होकर ये काम कर रहे थे मोदी
इमरजेंसी के समय अंडरग्राउंड होकर ये काम कर रहे थे मोदी 


नीतिश कुमार, रविशंकर प्रसाद, अरुण जेटली, लालू प्रसाद यादव समेत कई दिग्गज नेता इमरजेंसी के दौरान ही सभी की नज़रों में आए थे लेकिन आज भी लोगों के मन में सवाल उठता है कि जब आपातकाल लागू था तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस दौरान कहां थे और क्या कर रहे थे पी एम मोदी ने खुद कई बार अपने भाषणों में आपातकाल के दौर का जिक्र किया है. 

और इसकी आलोचना भी की है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वेबसाइट नरेंद्र मोदी डॉट इन पर इमरजेंसी के दौर के कुछ क़िस्से भी उपलब्ध है आपातकाल लागू होने के बाद कई नेताओं को गिरफ्तार किया जा रहा था. 

इमरजेंसी के समय अंडरग्राउंड होकर ये काम कर रहे थे मोदी 

आरएसएस पूरी तरह से सक्रिय था और अंडर-ग्राउंड रहकर काम कर रहा था आरएसएस  के अन्य प्रचारकों की तरह नरेंद्र मोदी को भी आंदोलन सम्मेलन हो बैठकों और साहित्य का वितरण आदि के लिए व्यवस्था बनाने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी उन दिनों मोदी नाथालाल जागड़ा के साथ-साथ वसंत गजेंद्रगड़कर के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहे थे इमरजेंसी के दौरान ही आरएसएस पर बैन भी लगा था

और संघ के कई प्रचारकों को गिरफ्तार भी किया गया था जब वरिष्ठ नेता केशव राव देशमुख को गुजरात में गिरफ्तार किया गया तो मोदी योजना के अनुसार उनके साथ काम करने वाले थे लेकिन फिर देशमुख की गिरफ्तारी की वजह से ऐसा नहीं हो सका मोदी नहीं आर एस एस के वरिष्ठ व्यक्ति नाथालाल जागड़ा को एक स्कूटर पर बैठकर एक सुरक्षित जगह तक पहुंचाया

इमरजेंसी के दौरान सूचना प्रसारण पूरी तरह से बंद था लेकिन मोदी ने संविधान कानून कांग्रेस सरकार की जातियों के बारे में जानकारी युक्त साहित्य गुजरात से अन्य राज्यों के लिए जाने वाली ट्रेनों में रखवाया वेबसाइट पर आ गया है कि मोदी लगातार भेष बदलकर जेल जाया करते थे जबकि उन्हें गिरफ्तारी का खतरा लगातार बना रहता था इस दौरान वह जेल के नेताओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारियाँ पहुँचाते थे 

26 जून को सुबह 8:00 बजे ऑल इंडिया रेडियो पर लोगों ने इंदिरा गांधी की आवाज़ सुनी तो आँखें खुली की खुली रह गई उन्होंने रेडियो पर अपने संबोधन में कहा भाई और बहनों राष्ट्रपति ने आपातकाल की घोषणा कर दी है इससे आतंकित होने का कोई कारण नहीं है 

तब से लेकर इंदिरा गांधी की चुनाव में शिकस्त चुनाव जीत के साथ सत्ता में वापसी का लंबा दौर गुज़र चुका है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिला है और मोदी दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं

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