क्या भगवान हमें भी याद करते हैं ?



क्या भगवान हमें भी याद करते हैं -पुरी जानकारी


क्या भगवान हमें भी याद करते हैं? मेरे से कई सारे लोग प्रश्न करते हैं कि हम भगवान को याद करते हैं क्या भगवान भी हमें याद करते हैं अगर करते हैं तो कैसे पता चले तो दोस्तों मैंने इस पर पहले भी एक पोस्ट लिखा था कि क्या भगवान हमारी पुकार सुनते हैं उसमें श्री कबीर दास जी कहते हैं कि चींटी के पग नूपुर बाजे तो भी साहिब सुनता है चींटी कितनी छोटी है लेकिन अगर हम उसके पैरों में घुंघरू बांध हैं

क्या भगवान हमें भी याद करते हैं
क्या भगवान हमें भी याद करते हैं

और वह चले तो भी भगवान उसके घुंगरू को नूपुर की आवाज को सुनता है तो हां भगवान हमारी पुकार सुनता है तो भगवान हमें याद करता है इसका पता कैसे चले तो देखिए अगर आपको भगवान को याद करके उनकी कथा सुनकर आपकी आंख से आंसू आ जाए तो समझ लेना उन तक संदेश पहुंच गया है मुरारी बापू बताते हैं तो चलिए आपको एक मां भारती की कथा और सुनाओ जिससे पक्का हो जाएगा कि भगवान हमें याद करते हैं एक बार की बात है.

भगवान श्री कृष्ण ध्यान मुद्रा में बैठे थे और युधिष्ठिर जी श्री कृष्ण के पास गए और हाथ जोड़कर खड़े हो गए युधिष्ठिर जी सोचते हैं अरे पूरा जगह तो भगवान का ध्यान करते हैं लेकिन आज भगवान खुद ध्यान में बैठे हैं किसका ध्यान कर रहे हैं भगवान पलंग पर बैठे हैं उनकी श्याम सुंदर छवि है शरीर से तेज बरस रहा है.

दिव्य पीतांबर धारण किया हुआ है भगवान के वक्षस्थल पर कौस्तुभ मणि शोभा पा रही है यह मनोहर सुंदर झांकी तीनों लोकों में कहीं भी देखने को नहीं मिलेगी पहले तो युधिष्ठिर जी ने खूब दर्शन की है भगवान के और फिर पास आए हैं पास आने के बाद भगवान की जब आंख खुली तो युधिष्ठिर जी मुस्कुराने लगे और कहते हैं भगवान महाभारत युद्ध पूरा हुआ और आपकी कृपा से हमने विजय को पाया है हम जीत गए हैं भगवान

और आपने हम पर दया की कि हम धर्म से भ्रष्ट नहीं हुए बहुत सारी बातें की लेकिन भगवान श्री कृष्ण कुछ नहीं बोले मानो उस समय भी भगवान ध्यान मग्न है युधिष्ठिर जीने का भगवन एक बात बताइए सारी दुनिया आपका ध्यान करती है और आप किसका ध्यान कर रहे हो माधव आपके रोंगटे खड़े हैं शराबी नहीं हिलता आपकी बुद्धि और मंडी स्थित है आपका यह विग्रह काट दीवार और पत्थर की तरह निश्चित हो रहा है हिल नहीं रहा जहां हवा नहीं है.

उस स्थान में जैसे दीपक की लौ कापती नहीं एक तार जलती रहती है उसी तरह ऐसा लग रहा है जैसे आप नहीं कोई पत्थर की मूरत है अरे प्रभु आप ही तो इस दुनिया को बनाने वाले हैं आप ही सब के कारण हैं आप ही सब का अंत है सब के आदी हैं मैं आपका शरणागत भक्तों पर हूं लेकिन कृपा करके बताइए आप किसका ध्यान कर रहे हैं.
क्या भगवान हमें भी याद करते हैं
क्या भगवान हमें भी याद करते हैं

जब युधिष्ठिर की प्रार्थना सुनी तो भगवान कृष्ण मुस्कुराए देखिए कृष्ण जो कुछ भी कहे तो मुस्कुराते हैं उनका मुस्कुराना गजब है और मुस्कुरा कर कहते हैं कि भैया इस समय बाण सैया पर बाबा लेटे हैं सिर्फ भीष्म पितामह लेटे हैं और दर्द से करा रहे हैं लेकिन उनका मन उनका ध्यान मुझ में है जब उनका मन मुझ में है.

तो मेरा मन भी उसमें है वह मेरा ध्यान कर रहे हैं मैं भी उसका ध्यान कर रहा हूं आपको एक बात बताओ युधिस्टर जब 23 दिन तक अपने गुरु परशुराम के साथ उन्होंने युद्ध किया तो भी वह परास्त नहीं हुए थे और वही विष सारी इंद्रियों की वृत्तियों को एक करके बुद्धि के द्वारा मन को अपने अधीन कर के मेरी शरण में आ गए हैं.

इसलिए मेरा मन भी आज उनमें लग गया है और मैं मन से आज भीष्म पितामह के पास पहुंच गया हूं और मैं उन्हीं का ध्यान कर रहा हूं तो दोस्तों यह बात बिल्कुल पक्की है जब आप मन से भगवान का ध्यान करते हैं उन्हें याद करते हैं तो भगवान भी ज़रूर याद करते हैं.

Post a Comment

0 Comments