प्रधानमंत्री के पास कौन सी शक्तियां होती हैं

भारत के प्रधानमंत्री की शक्तियां हर एक नागरिक के जीवन को किसी न किसी रूप में प्रभावित करती हैं इसका सीधा उदाहरण 500 तथा हजार रुपए के नोट को सिर्फ एक बयान से बंद कर देना है इसके अलावा बहुत सी ऐसी शक्ति है जो नागरिकों को पता ही नहीं है आइए जानते हैं.

प्रधानमंत्री के पास कौन सी शक्तियां होती हैं
प्रधानमंत्री के पास कौन सी शक्तियां होती हैं 

भारत के प्रधानमंत्री की कुछ ऐसी ही शक्तियों के बारे में घरेलू शक्तियों के मामले में देखा जाए तो भारत का प्रधानमंत्री अमेरिका के राष्ट्रपति के समान ही शक्तिशाली है लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति थोड़ी अलग है चाहे वह भारतीय मुद्रा को बंद करना हो या फिर सर्जिकल स्ट्राइक विदेश नीति परमाणु कमान आदि जैसे कई मामलों में अंतिम निर्णय लेने की सर्वोच्च शक्तियों का क्रियान्वयन प्रधानमंत्री द्वारा ही किया जाता है. 


प्रधानमंत्री भारतीय नागरिकों के जीवन के हर पहलू को प्रभावित करते हैं प्रधानमंत्री के पास अपार शक्तियां हैं जिनसे आम नागरिक अपरिचित है संविधान द्वारा सरकार को एक संसदीय रूप प्रदान किया गया है जिसमें कुछ एकात्मक सुविधाओं के साथ एक संघीय संरचना है अनुच्छेद 74 एक में यह कहा गया है कि राष्ट्रपति की सहायता करने तथा उसे सलाह देने के लिए एक मंत्री परिषद होगा जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री होगा तथा राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार अपने कार्यों का अनुसरण करेगा. 


इस प्रकार वास्तविक कार्यकारी शक्ति मंत्रिपरिषद में निहित है जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री होता है तो दोस्तों यह जानते हैं प्रधानमंत्री के कार्य और शक्तियों के बारे में

प्रधानमंत्री की शक्तियां

नंबर 1


सरकार का प्रमुख राष्ट्रपति देश का प्रमुख होता है लेकिन प्रधानमंत्री सरकार का मुखिया होता है प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद की सलाह पर सभी निर्णय राष्ट्रपति के नाम पर लिए जाते हैं लेकिन प्रधानमंत्री के सहायता और सलाह के बाद ही निर्णय की जानकारी राष्ट्रपति को दी जाती है 


यहां तक कि प्रधानमंत्री द्वारा अन्य मंत्रियों की नियुक्ति की सिफारिश के बाद ही राष्ट्रपति मंत्रियों की नियुक्ति करते हैं प्रधानमंत्री सभी महत्वपूर्ण निर्णय लेता है या उन्हें परोक्ष रूप से मंजूरी देता है


नंबर 2


कैबिनेट का नेता ब्रिटिश प्रधानमंत्री की तरह वह केवल प्राइमरी सेंटर यानी कि एक समूह का ही नहीं बल्कि सैनिक के अनुसार सूर्य के समान है जिसके आसपास अन्य मंत्री ग्रहों की तरह कार्य करते रहते हैं प्रधानमंत्री वह होता है जो अपनी नियुक्ति और मंत्रियों के बीच विभिन्न विभागों के वितरण और फेरबदल के बारे में राष्ट्रपति से सिफारिश करता है प्रधानमंत्री मंत्री परिषद की बैठक की अध्यक्षता करता है

तथा उनके निर्णय को प्रभावित करता है वह किसी भी मंत्री को इस्तीफ़ा देने के लिए कह सकता है या राष्ट्रपति से मंत्री को हटाने की सिफारिश भी कर सकता है इसीलिए प्रधानमंत्री की मृत्यु या त्यागपत्र की स्थिति में पूरी मंत्री परिषद भंग हो जाती है 


नंबर 3


सेना का वास्तविक मुखिया की रक्षा बलों के मुखिया भारत के राष्ट्रपति होते हैं लेकिन वास्तविक शक्ति प्रधानमंत्री के हाथों में होती है देश की रक्षा और सुरक्षा से संबंधित सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद निर्णय लेती है राष्ट्रीय रक्षा और सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर सुरक्षा परिषद भारत के प्रधानमंत्री को सलाह देती है राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष होता है

और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की नियुक्ति भारत का प्रधानमंत्री ही करता है सुरक्षा समिति अपनी सिफ़ारिशें प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करती हैं जिस पर प्रधानमंत्री निर्णय लेता है साल 2016 में की गई सर्जिकल स्ट्राइक इसका एक ज्वलंत उदाहरण है जहां प्रधानमंत्री ने इस अर्जी को मंजूरी दी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल. 


नंबर 4


परमाणु शक्ति की कमान भारत एक परमाणु शक्ति है पर एंटी पर पर हस्ताक्षर किए बिना हमें एनएसजी में छूट प्राप्त है परमाणु कमान प्राधिकरण भारत में परमाणु हथियारों के लिए मुख्य निकाय है यह भारत के परमाणु हथियार कार्यक्रम से संबंधित सभी महत्वपूर्ण मामलों की देखरेख करता है इस प्राधिकरण का अध्यक्ष भारत का प्रधानमंत्री होता है

भारत का परमाणु हथियार कार्यक्रम दो भागों पर आधारित है परमाणु कमान प्राधिकरण के आदेश के बाद ही परमाणु हमला शुरू किया जा सकता है कहने का मतलब यह है कि परमाणु हथियारों की कमान चुनी हुई सरकार के हाथों में ही होती है जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री होता है


नंबर 5


आर्थिक मामलों का मुख्य आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति देश के आर्थिक मामलों से संबंधित निर्णय लेने वाली समिति है यह समिति भारत की सबसे महत्वपूर्ण समितियों में से एक है प्रधानमंत्री समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य करता है यह समिति देश के लिए निर्णायक समिति है इसके अंतर्गत रेलवे तथा अन्य आधार भूत सुविधाओं से जुड़े फैसले भी किए जाते हैं

देश में विदेशी निवेश से जुड़े हुए भी यही समिति लेती है इस समिति के फैसले की आर्थिक स्थिति तथा परिदृश्य बदलने की ताकत रखते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 नवंबर 2016 को किया गया है कि आर्थिक मामलों में भी प्रधानमंत्री के हाथ में काफी शक्तियां होती हैं 


नंबर 6


विदेश नीति के पथ प्रदर्शक भारत की विदेश नीति में प्रधानमंत्री के व्यक्तित्व की झलक होती है प्रधानमंत्री के बदलते ही विदेश नीति भी विकसित होने के साथ-साथ परिवर्तित होती रहती है यह प्रधानमंत्री ही होता है जो अन्य देशों में रहने वाले अपने नागरिकों को बचाने की पहल करता है

ऑपरेशन संकटमोचन ऑपरेशन राहत ऑपरेशन सुकून ऑपरेशन से होमकमिंग तथा इसी तरह इसके कई अन्य उदाहरण भी है


नंबर 7


नीति आयोग का अध्यक्ष नीति आयोग हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिमाग की उपज है यह संस्था योजना आयोग की तुलना में एक बड़ी संस्था है यह देश की नीतियों को तय करने में राज्यों की भागीदारी सुनिश्चित करती है

और सहकारी संघवाद के मूल्य की पुष्टि करती है प्रधानमंत्री नीति आयोग का अध्यक्ष होता है वह सभी राज्यों के बीच एक सर्वोत्तम नीतिगत ढांचे को बनाए रखने के लिए एक संबंध में संरक्षक और मध्यस्थ के रूप में कार्य करता है


नंबर 8


विभिन्न विभागों का प्रमुख प्रधानमंत्री कार्यालय केंद्र सरकार के अवतार के रूप में कार्य करता है उन सभी विषयों को संभालता है जिसकी ज़िम्मेदारी किसी विभाग या मंत्रालय को आवंटित नहीं की गई होती है परमाणु ऊर्जा विभाग अंतरिक्ष विभाग प्रत्यक्ष तौर पर सीधे प्रधानमंत्री के नियंत्रण में रहते हैं 


नंबर 9


संसद का नेता एक नेता के रूप में अपनी बैठकों के कार्यक्रमों की तारीख़े निर्धारित करता है प्रधानमंत्री ही यह निर्णय लेता है कि सदन को कब भरना है एक प्रवक्ता के रूप में सरकार की नीतियों की घोषणा करता है और फिर सवालों के जवाब भी देता है


नंबर 10


विदेशी मामलों के संबंध में मुख्य प्रवक्ता अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में प्रधानमंत्री अध्यक्ष होता है जो देश का प्रतिनिधित्व करता है यहां तक कि गठबंधन देशों से निपटने में देश का प्रतिनिधित्व करता है 


नंबर 11


विभिन्न आयोगों के अध्यक्ष एक प्रधानमंत्री के रूप में वह नीति आयोग राष्ट्रीय विकास परिषद राष्ट्रीय एकता परिषद अंतरराष्ट्रीय परिषद और राष्ट्रीय जल संसाधन परिषद का अध्यक्ष होता है मैं आपातकाल के दौरान राजनीतिक स्तर पर छाए हुए संकट का प्रबंधक होता है

वह पार्टी और राजनीतिक सेवाओं का मुखिया होता है प्रधानमंत्री एक ऐसा व्यक्ति है जो पूरी तरह से देश की परिस्थितियों को बदल सकता है वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बात का जीवंत उदाहरण है

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